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अक्षय नवमी

पूजा मुहूर्त – भारतीय मानक समय (UTC+5:30)

Patiala में अक्षय नवमी बुधवार, 18 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 6:53 AM से 11:05 AM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।

बुध, 18 नव॰, Patiala के मुहूर्त

करें1 मुहूर्त
1 –
पूजा मुहूर्त
शास्त्र

आरती, मंत्र और कथा

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बुधवार, 18 नवंबर 2026भारतीय मानक समय (UTC+5:30)
कार्तिक (अमान्त) · शुक्ल पक्ष
9
नवमीगुरु 7:06 AM तक, फिर दशमी
नक्षत्रशतभिषागुरु 6:11 AM तक, फिर पू. भाद्रपदा
योगध्रुव8:06 AM तक, फिर व्याघात
करणबालव6:42 PM तक, फिर कौलव
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

मुहूर्त

शुभ

ब्रह्म मुहूर्त – अभिजीत मुहूर्त – विजय मुहूर्त – अपराह्न काल – प्रदोष काल – निशीथ काल –

अशुभ

राहु काल – यमगंड – गुलिक काल –
आज के देवताशास्त्र
वारबुधपूरे दिनऔर: विष्णु
तिथिदुर्गापूरे दिनऔर: भुजग (नाग)
नक्षत्रइन्द्र6:52 AM – गुरु 6:11 AM6:11 AM से: अज एकपादऔर: वरुण
आज के नियमशास्त्र

न खाएँ

लौकी – परवल –

निषेध उतनी देर रहता है जितनी देर उसकी तिथि चलती है।

चौघड़ियापरंपरा (गुजरात–राजस्थान)

दिन

लाभ – अमृत – काल · काल वेला (चौघड़िया) – शुभ – रोग · वार वेला – उद्वेग – चर – लाभ –

रात

उद्वेग – शुभ – अमृत – चर – रोग – काल – लाभ · कालरात्रि – उद्वेग –
लग्नशास्त्र · ज्योतिष

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वृश्चिक · स्थिर – धनु · द्विस्वभाव – मकर · चर – कुम्भ · स्थिर – मीन · द्विस्वभाव – मेष · चर – वृषभ · स्थिर – मिथुन · द्विस्वभाव – कर्क · चर – सिंह · स्थिर – कन्या · द्विस्वभाव – तुला · चर – वृश्चिक · स्थिर –
स्थिर लग्नटिकने वाले कार्यों के लिए: गृह-प्रवेश, देव-स्थापना, लंबी पूजा।चर लग्नचलने वाले कार्यों के लिए: यात्रा, ऐसा आरंभ जो आगे बढ़ता रहे।द्विस्वभाव लग्नदोनों प्रकार के कार्यों के लिए, टिकने वाले भी और चलने वाले भी।

मास

मास (पूर्णिमान्त)कार्तिक
संवतविक्रम 2083 · शक 1948
वारबुधवार
सूर्य राशिवृश्चिक

पूजा विधि

1
पूर्वाह्ण संकल्प

स्नान कर नवमी रहते पूर्वाह्ण में संकल्प लें।

2
आँवले की जड़ में दामोदर पूजन

आँवले के वृक्ष की जड़ में षोडशोपचार से दामोदर रूप विष्णु का पूजन करें और अक्षय कल्याण की प्रार्थना के साथ अर्घ्य दें।

3
जड़ में तर्पण

जड़ में पितरों के लिए, विशेषकर कुल के निःसंतान पितरों के लिए, जल अर्पित करें।

4
सूत लपेटना

वृक्ष की परिक्रमा करते हुए तने पर कच्चा सूत लपेटें।

5
अपिंडक श्राद्ध

जो युगादि श्राद्ध करते हैं, वे आज पिंड के बिना श्राद्ध करें।

6
छाया में भोजन

ब्राह्मणों को भोजन कराकर परिवार सहित आँवले की छाया में भोजन करें।

7
दान

कूष्मांड, आँवला, अन्न या गरम वस्त्र का दान करें।

उत्सव के पकवान

ताज़ा आँवला या आँवले का मुरब्बाआँवले के नीचे पूरी-सब्ज़ीखीर

इतिहास

जिन ग्रंथों में युगादि तिथियाँ, अर्थात् वे दिन जब युगों का आरंभ हुआ, गिनाई गई हैं, उनमें इस नवमी का नाम है, और निर्णयसिंधु वह सूची उद्धृत करता है। 'अक्षय' नाम का मूल यही है: युग के पहले दिन आरंभ किया गया पुण्य कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन आँवले का स्थान कार्तिक-माहात्म्य की परंपरा से आया है, जिसे धर्मसिंधु और निर्णयसिंधु उद्धृत करते हैं: इस मास आँवले के नीचे हरि का पूजन और उसकी छाया में भोजन महान फल देता है। लोक-कथा जोड़ती है कि इसी दिन लक्ष्मी जी ने आँवले के नीचे विष्णु और शिव का एक साथ पूजन किया था; यह कथा परंपरा की है और इसका ग्रंथ-स्रोत नहीं मिला है।

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प्रश्न

Patiala में अक्षय नवमी 2026 कब है?

Patiala में अक्षय नवमी बुधवार, 18 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 6:53 AM से 11:05 AM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।

यह दिन, पूरा — Vandan में

मुहूर्त पर स्मरण, आरती के साथ गायन, कथा का पाठ।

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