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दीपावली हनुमान पूजा

निशीथ काल पूजा – मध्य यूरोपीय मानक समय (UTC+1)

Zurich में दीपावली हनुमान पूजा शनिवार, 7 नवंबर 2026 को है; निशीथ काल पूजा 11:42 PM से 12:38 AM तक (मध्य यूरोपीय मानक समय, UTC+1)।

शनि, 7 नव॰, Zurich के मुहूर्त

करें1 मुहूर्त
1 –
निशीथ काल पूजा
परंपरा

चतुर्दशी रहते मध्यरात्रि में हनुमान जी का पूजन करें; यह रात्रि कुल और मंदिर की परंपरा से मनाई जाती है।

शनिवार, 7 नवंबर 2026मध्य यूरोपीय मानक समय (UTC+1)
आश्विन (अमान्त) · कृष्ण पक्ष
14
चतुर्दशीरवि 6:58 AM तक, फिर अमावस्या
नक्षत्रचित्रारवि 1:23 AM तक, फिर स्वाति
योगप्रीति10:58 PM तक, फिर आयुष्मान
करणविष्टि6:35 PM तक, फिर शकुनि
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

मुहूर्त

शुभ

ब्रह्म मुहूर्त – अभिजीत मुहूर्त – विजय मुहूर्त – अपराह्न काल – प्रदोष काल – निशीथ काल –

अशुभ

राहु काल – यमगंड – गुलिक काल –
आज के देवताशास्त्र
वारशनिपूरे दिनऔर: यम
परंपरा सेहनुमानपूरे दिन
तिथिशिव7:18 AM – रवि 6:58 AM6:58 AM से: पितरऔर: काली
नक्षत्रइन्द्र7:18 AM – रवि 1:23 AM1:23 AM से: वायुऔर: त्वष्टा
आज के नियमशास्त्र

न खाएँ

उड़द – तिल का तेल – लाल शाक –

प्रशस्त

सरसों का तेल –

निषेध उतनी देर रहता है जितनी देर उसकी तिथि चलती है।

चौघड़ियापरंपरा (गुजरात–राजस्थान)

दिन

काल · काल वेला (चौघड़िया) – शुभ – रोग – उद्वेग – चर – लाभ · वार वेला – अमृत – काल · काल वेला (चौघड़िया) –

रात

लाभ · कालरात्रि – उद्वेग – शुभ – अमृत – चर – रोग – काल – लाभ · कालरात्रि –
लग्नशास्त्र · ज्योतिष

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

तुला · चर – वृश्चिक · स्थिर – धनु · द्विस्वभाव – मकर · चर – कुम्भ · स्थिर – मीन · द्विस्वभाव – मेष · चर – वृषभ · स्थिर – मिथुन · द्विस्वभाव – कर्क · चर – सिंह · स्थिर – कन्या · द्विस्वभाव – तुला · चर –
स्थिर लग्नटिकने वाले कार्यों के लिए: गृह-प्रवेश, देव-स्थापना, लंबी पूजा।चर लग्नचलने वाले कार्यों के लिए: यात्रा, ऐसा आरंभ जो आगे बढ़ता रहे।द्विस्वभाव लग्नदोनों प्रकार के कार्यों के लिए, टिकने वाले भी और चलने वाले भी।

मास

मास (पूर्णिमान्त)कार्तिक
संवतविक्रम 2083 · शक 1948
वारशनिवार
सूर्य राशितुला

पूजा विधि

1
स्थान की तैयारी

संध्या को स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें, और लाल वस्त्र पर हनुमान जी का चित्र या मूर्ति दक्षिण या पूर्व की ओर स्थापित करें, पास में तिल या सरसों के तेल का दीपक रखें।

2
सिंदूर और तेल

इस रात की परंपरा के अनुसार हनुमान जी को तेल में मिला सिंदूर (चोला), लाल पुष्प, माला और नारियल अर्पित करें।

3
नैवेद्य

बूंदी या बेसन के लड्डू, गुड़-चना, या घर की कोई मिठाई अर्पित करें और साथ में पान का पत्ता रखें।

4
मध्यरात्रि में हनुमान चालीसा

मध्यरात्रि में, चतुर्दशी रहते, भय और बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें — कई परिवार ग्यारह बार पाठ करते हैं — या बजरंग बाण अथवा सुंदरकांड का पाठ करें।

5
आरती और दीपक

हनुमान जी की आरती से पूजन पूरा करें, तेल का दीपक रात भर जलता रखें, और सुबह प्रसाद बाँटें।

इतिहास

अधिकांश उत्तर भारत में हनुमान जी का जन्मोत्सव चैत्र पूर्णिमा को मनाया जाता है; गुजरात और सौराष्ट्र में यह कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी की रात, दीपावली की पूर्व संध्या को मनाया जाता है, जहाँ काली चौदस की रात उनकी जयंती है। कृष्ण पक्ष की इस रात, जब लक्ष्मी जी की अमावस्या से पहले घर भय और अशुभ से अपनी रक्षा करता है, हनुमान जी का बुराई को दूर करने वाले रक्षक के रूप में सिंदूर, तेल और हनुमान चालीसा से पूजन होता है। इस रात के हनुमान पूजन का कोई प्राथमिक शास्त्रीय स्रोत अभी तक नहीं मिला है; यह जीवित परंपरा से चला आया है, और पंचांग इसे चतुर्दशी की रात हनुमान पूजा के रूप में दर्शाते हैं।

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प्रश्न

Zurich में दीपावली हनुमान पूजा 2026 कब है?

Zurich में दीपावली हनुमान पूजा शनिवार, 7 नवंबर 2026 को है; निशीथ काल पूजा 11:42 PM से 12:38 AM तक (मध्य यूरोपीय मानक समय, UTC+1)।

यह दिन, पूरा — Vandan में

मुहूर्त पर स्मरण, आरती के साथ गायन, कथा का पाठ।

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