
Mehsana में गोपाष्टमी मंगलवार, 17 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 6:56 AM से 9:07 AM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।
मंगल, 17 नव॰, Mehsana के मुहूर्त
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शुभ
अशुभ
हनुमानपूरे दिन
शिव6:55 AM – बुध 6:05 AM6:05 AM से: दुर्गाऔर: वसुन खाएँ
प्रशस्त
निषेध उतनी देर रहता है जितनी देर उसकी तिथि चलती है।
दिन
रात
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
स्नान करें और आज गौ माता तथा श्रीकृष्ण के पूजन का संकल्प लें।
गाय और बछड़े को नहलाएँ, माथे पर हल्दी-कुमकुम लगाएँ और पुष्प या वस्त्र बाँधें।
गाय को जल, पुष्प, अक्षत और धूप अर्पित करें, फिर हरा चारा, गुड़ और रोटी खिलाएँ।
हाथ जोड़कर गाय की परिक्रमा करें — परंपरा से सात बार।
चरने जाती गायों के पीछे कुछ दूर चलें।
गोपाल रूप श्रीकृष्ण को माखन-मिश्री का भोग लगाएँ। गोधूलि में गायें लौटें तो उनके चरण छूकर उनकी धूलि को आशीर्वाद रूप में लें।
माखन-मिश्री
खीरब्रज की परंपरा के अनुसार इसी दिन श्रीकृष्ण और बलराम, बाल्यावस्था पार कर, पहली बार बछड़ों के बजाय स्वयं गायें चराने भेजे गए। गाँव ने गायों और नए गोपों का एक साथ सम्मान किया, और यह दिन गोपाष्टमी कहलाया। भागवत में श्रीकृष्ण के इस अवस्था में पहुँचकर वृंदावन के वन में गायें ले जाने का वर्णन है, पर कोई तिथि नहीं दी गई; तिथि परंपरा की है। दिन का विधान — गायों का पूजन, परिक्रमा और अनुगमन — धर्मसिंधु में लिखा है।
और पढ़ेंMehsana में गोपाष्टमी मंगलवार, 17 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 6:56 AM से 9:07 AM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।
मुहूर्त पर स्मरण, आरती के साथ गायन, कथा का पाठ।