Vandanइसी दिन का पूरा पृष्ठ ऐप में
खोलें
ऐप पाएँEN

तुलसी विवाह

पूजा मुहूर्त – भारतीय मानक समय (UTC+5:30)

Bhubaneswar में तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 5:06 PM से 7:40 PM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।

शनि, 21 नव॰, Bhubaneswar के मुहूर्त

करें1 मुहूर्त
1 –
पूजा मुहूर्त
शास्त्र

आरती, मंत्र और कथा

प्रत्येक चित्र Vandan में वही पृष्ठ खोलता है

शनिवार, 21 नवंबर 2026भारतीय मानक समय (UTC+5:30)
कार्तिक (अमान्त) · शुक्ल पक्ष
11
एकादशी6:32 AM तक, फिर द्वादशी
नक्षत्रउ. भाद्रपदा6:51 AM तक, फिर रेवती
योगसिद्धिरवि 2:31 AM तक, फिर व्यतीपात
करणविष्टि6:32 AM तक, फिर बव
सूर्योदय
सूर्यास्त
चंद्रोदय
चंद्रास्त

मुहूर्त

शुभ

ब्रह्म मुहूर्त – अभिजीत मुहूर्त – विजय मुहूर्त – अपराह्न काल – प्रदोष काल – निशीथ काल –

अशुभ

राहु काल – यमगंड – गुलिक काल –
आज के देवताशास्त्र
वारशनिपूरे दिनऔर: यम
परंपरा सेहनुमानपूरे दिन
तिथिविश्वेदेव5:59 – 6:32 AM6:32 AM से: हरिऔर: ईश (शिव)
नक्षत्रअहिर्बुध्न्य5:59 – 6:51 AM6:51 AM से: पूषाऔर: अज एकपाद
आज के नियमशास्त्र

न खाएँ

निष्पाव – शिम्बी – मसूर – मसूर – पूतिका – तिल –

निषेध उतनी देर रहता है जितनी देर उसकी तिथि चलती है।

चौघड़ियापरंपरा (गुजरात–राजस्थान)

दिन

काल · काल वेला (चौघड़िया) – शुभ – रोग – उद्वेग – चर – लाभ · वार वेला – अमृत – काल · काल वेला (चौघड़िया) –

रात

लाभ · कालरात्रि – उद्वेग – शुभ – अमृत – चर – रोग – काल – लाभ · कालरात्रि –
लग्नशास्त्र · ज्योतिष

सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक

वृश्चिक · स्थिर – धनु · द्विस्वभाव – मकर · चर – कुम्भ · स्थिर – मीन · द्विस्वभाव – मेष · चर – वृषभ · स्थिर – मिथुन · द्विस्वभाव – कर्क · चर – सिंह · स्थिर – कन्या · द्विस्वभाव – तुला · चर – वृश्चिक · स्थिर –
स्थिर लग्नटिकने वाले कार्यों के लिए: गृह-प्रवेश, देव-स्थापना, लंबी पूजा।चर लग्नचलने वाले कार्यों के लिए: यात्रा, ऐसा आरंभ जो आगे बढ़ता रहे।द्विस्वभाव लग्नदोनों प्रकार के कार्यों के लिए, टिकने वाले भी और चलने वाले भी।

मास

मास (पूर्णिमान्त)कार्तिक
संवतविक्रम 2083 · शक 1948
वारशनिवार
सूर्य राशिवृश्चिक

पूजा विधि

1
संकल्प

पारण वाले दिन की संध्या को प्रबोधोत्सव और तुलसी विवाह का एक साथ संकल्प लें।

2
मंडप

आँगन में तुलसी का गमला रखें, उसके ऊपर गन्नों का मंडप बनाएँ और रंगोली बनाएँ। पास में शालिग्राम या विष्णु प्रतिमा रखें।

3
दोनों का पूजन

पुरुष-सूक्त के साथ षोडशोपचार से विष्णु और तुलसी का पूजन करें। दोनों को मंगल-स्नान कराएँ और तुलसी को लाल चुनरी, हल्दी, कुमकुम और चूड़ियों से सजाएँ।

4
विष्णु जागरण

घंटे-शंख बजाकर 'उत्तिष्ठ उत्तिष्ठ गोविन्द' मंत्र से भगवान को जगाएँ।

5
विवाह

तुलसी और शालिग्राम को मौली से जोड़ें, कन्यादान करें और तुलसी के चारों ओर फेरे कराएँ।

6
आरती और दक्षिणा

आरती करें, दक्षिणा दें और यथाशक्ति ब्राह्मण भोजन कराएँ।

7
चातुर्मास व्रत की पूर्ति

चार मास जो वस्तु त्यागी थी, उसका दान करें और व्रत भगवान को अर्पित करें।

उत्सव के पकवान

गन्नाबेर और आँवलाशकरकंदपंचामृत

इतिहास

तुलसी पहले वृंदा थीं, असुर जालंधर की पतिव्रता पत्नी, जिनके सतीत्व से वह अजेय था। देवताओं पर उसके युद्ध का अंत करने के लिए विष्णु ने जालंधर का रूप लेकर वृंदा का व्रत भंग किया। सत्य जानकर वृंदा ने विष्णु को पत्थर, अर्थात् शालिग्राम, बनने का श्राप दिया और प्राण त्याग दिए; उनकी राख से तुलसी का पौधा उगा। विष्णु ने उनकी भक्ति का मान रखते हुए हर वर्ष उनसे विवाह करने और उनके पत्तों के बिना कोई पूजा स्वीकार न करने का वचन दिया। यह कथा पुराणों में मिलती है; उसके अध्याय अभी पृष्ठ पर नहीं पढ़े गए हैं। विवाह का दिन और समय धर्मसिंधु के अनुसार है।

और पढ़ें

प्रश्न

Bhubaneswar में तुलसी विवाह 2026 कब है?

Bhubaneswar में तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 5:06 PM से 7:40 PM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।

यह दिन, पूरा — Vandan में

मुहूर्त पर स्मरण, आरती के साथ गायन, कथा का पाठ।

Vandan में खोलें
Vandan में खोलें