
Ramgarh Cantonment में तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 5:02 PM से 7:38 PM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।
शनि, 21 नव॰, Ramgarh Cantonment के मुहूर्त
शुभ
अशुभ
शनिपूरे दिनऔर: यम
हनुमानपूरे दिनन खाएँ
निषेध उतनी देर रहता है जितनी देर उसकी तिथि चलती है।
दिन
रात
सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक
पारण वाले दिन की संध्या को प्रबोधोत्सव और तुलसी विवाह का एक साथ संकल्प लें।
आँगन में तुलसी का गमला रखें, उसके ऊपर गन्नों का मंडप बनाएँ और रंगोली बनाएँ। पास में शालिग्राम या विष्णु प्रतिमा रखें।
पुरुष-सूक्त के साथ षोडशोपचार से विष्णु और तुलसी का पूजन करें। दोनों को मंगल-स्नान कराएँ और तुलसी को लाल चुनरी, हल्दी, कुमकुम और चूड़ियों से सजाएँ।
घंटे-शंख बजाकर 'उत्तिष्ठ उत्तिष्ठ गोविन्द' मंत्र से भगवान को जगाएँ।
तुलसी और शालिग्राम को मौली से जोड़ें, कन्यादान करें और तुलसी के चारों ओर फेरे कराएँ।
आरती करें, दक्षिणा दें और यथाशक्ति ब्राह्मण भोजन कराएँ।
चार मास जो वस्तु त्यागी थी, उसका दान करें और व्रत भगवान को अर्पित करें।
पंचामृततुलसी पहले वृंदा थीं, असुर जालंधर की पतिव्रता पत्नी, जिनके सतीत्व से वह अजेय था। देवताओं पर उसके युद्ध का अंत करने के लिए विष्णु ने जालंधर का रूप लेकर वृंदा का व्रत भंग किया। सत्य जानकर वृंदा ने विष्णु को पत्थर, अर्थात् शालिग्राम, बनने का श्राप दिया और प्राण त्याग दिए; उनकी राख से तुलसी का पौधा उगा। विष्णु ने उनकी भक्ति का मान रखते हुए हर वर्ष उनसे विवाह करने और उनके पत्तों के बिना कोई पूजा स्वीकार न करने का वचन दिया। यह कथा पुराणों में मिलती है; उसके अध्याय अभी पृष्ठ पर नहीं पढ़े गए हैं। विवाह का दिन और समय धर्मसिंधु के अनुसार है।
और पढ़ेंRamgarh Cantonment में तुलसी विवाह शनिवार, 21 नवंबर 2026 को है; पूजा मुहूर्त 5:02 PM से 7:38 PM तक (भारतीय मानक समय, UTC+5:30)।
मुहूर्त पर स्मरण, आरती के साथ गायन, कथा का पाठ।